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हल्द्वानी। मुखानी क्षेत्र में महज 30 रुपये के केले खरीदने के बाद UPI से भुगतान करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। भुगतान करने के करीब आधे घंटे बाद ही उसके दोनों बैंक खातों से साइबर ठगी के जरिए 2.21 लाख रुपये से अधिक की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी गई। बैंक बैलेंस चेक करने पर रकम गायब होने का पता चला तो पीड़ित के होश उड़ गए। मामले में साइबर क्राइम शाखा में शिकायत देने के साथ ही मुखानी थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।

30 रुपये के केले खरीदकर किया था UPI भुगतान

जानकारी के अनुसार, कमलुआगांजा निवासी व्यक्ति 12 सितंबर को दवा लेने के लिए ईसीएचएस आर्मी कैंट गया था। करीब 11:30 बजे घर लौटते समय वह नैनीताल बैंक, मुखानी के पास एक फल विक्रेता के यहां रुका और 30 रुपये के केले खरीदे। इसके बाद उसने फल विक्रेता को UPI के माध्यम से भुगतान किया।

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घर पहुंचकर बैंक बैलेंस देखा तो उड़ गए होश

पीड़ित के मुताबिक, करीब 12:30 बजे घर पहुंचने के बाद उसने अपने दोनों बैंक खातों का बैलेंस चेक किया। इस दौरान एक खाते में सिर्फ 175 रुपये और दूसरे खाते में 385 रुपये शेष मिले। खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर होने की जानकारी मिलते ही वह बैंक पहुंचा, लेकिन एसबीआई की कुसुमखेड़ा शाखा बंद थी।

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साइबर क्राइम शाखा और बैंक हेल्पलाइन को दी सूचना

इसके बाद पीड़ित करीब 1:30 बजे हल्द्वानी स्थित साइबर क्राइम शाखा पहुंचा और मामले की जानकारी दी। साथ ही एसबीआई की हेल्पलाइन पर भी साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई। एहतियात के तौर पर दोनों बैंक खातों को तत्काल ब्लॉक करा दिया गया।

एक घंटे के भीतर 2,21,568 रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच साइबर अपराधियों ने पीड़ित के दोनों बैंक खातों से अलग-अलग नामों पर कुल 2,21,568.44 रुपये ट्रांसफर कर दिए।

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पीड़ित ने आशंका जताई है कि UPI के जरिए भुगतान करने के बाद ही उसके बैंक खातों में सेंध लगी। हालांकि, साइबर ठगी किस तरीके से हुई और रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई, इसकी वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पीड़ित ने मुखानी पुलिस से अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच करने और ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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